Tuesday, March 8, 2022

'बात'

कभी न उदास होना
कि पीठ पीछे बात होती है,

जो सामने न कह सके
न नज़रें तुम्हारी सह सके,
ख़िलाफ़त जिनकी नज़रों में
हर वक़्त चुपचाप होती है ।

सीने में जिनके चुभते हो
तुम नासूर की तरह,
नज़रों में भी खटकते हो
जब भी मुलाकात होती है ।

जिनके पास काम नहीं कोई करने को
उनकी ज़ुबान भी बेकार होती है,
ऐसे लोगों को क्या तवज्जो देना
उनकी बस वही औकात होती है ।

कभी न उदास होना
कि पीठ पीछे बात होती है,
क्योंकि बात तो उन्हीं की होती है
जिनमें कोई 'बात' होती है ।

- मंजू 

14 comments:

  1. अच्छा लिखा है मंजू. 🙏

    अर्ज किया है..
    बाते ना सिर्फ बात होती है। ये तो व्यक्ति की पहेचान होती है। तू न देख इन बातो के शब्दो को, इन शब्दो के पीछे भी एक बात होती है।।
    जो बात जन्मती है सीधा भावो से, उन्ही बातो की तो कोई बात होती है। बाकी तो सारी बस बात होती है 🙏

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    1. सही कहा गौरव 👍👍👌👌

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