बस तेरी परछाई सुकून देती है।
ज़िन्दगी में जब भी हुई परेशान,
तेरी मुस्कान जुनून देती है।
जब भी निराशा ने मुझे घेरा,
ज़ुबाँ पर नाम आया सिर्फ़ तेरा।
मेरी आँखों में जितने भी सपने हैं,
सब तुझ पर ही आकर रुकते हैं।
जब भी मेरी कोशिशें नाकाम हुईं,
मेरे साथ तेरी आँखे भी नम हुईं।
कोशिश करना तूने ही सिखाया,
तेरा यही विश्वास मुझमें भी आया।
दुआ है.... हर वक्त हर घड़ी,
मुझ पर बना रहे तेरा ही साया।
तेरी तारीफ में और क्या लिखूं?
मेरा दिल भर आया।
सारी दुनिया पूछती है "कितना कमाया?",
सिर्फ़ माँ ही पूछती है "तूने ख़ाना खाया?"