Tuesday, October 19, 2021

ज़िन्दगी

तमाशा बनती जा रही है
लोगों की ज़िन्दगी
अब तमाशे वालों को
कोई नहीं देखता

बोझ बनती जा रही है
दिखावे की ज़िन्दगी
अब स्टेशन पर कुलियों को
कोई नहीं ढूंढता

क्या फूल क्या पत्तियाँ
सबकुछ यहाँ नकली है
अब असली फूलों को
कोई नहीं पूछता

झूठी लगने लगी है
सजावट की ज़िन्दगी
अब क़द्र भावनाओं की
कोई नहीं करता

फव्वारों की बौछारों में
मदहोश हैं सब
अब यहाँ बारिशों को
कोई नहीं पूछता

-मंजू

Saturday, September 4, 2021

ਅਧਿਆਪਕ ਦਿਵਸ

ਮਾਪੇ ਪਿਆਰ ਨਾਲ਼ ਲਾਡ ਲੜਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਗੁਰੂ ਹੱਕ ਨਾਲ਼ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ ਸਿਖਾਉਂਦੇ ਨੇ

ਅਸੀਂ ਦੋਵਾਂ 'ਚੋਂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਛੱਡ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ
ਦੋਵਾਂ ਦੀ ਤੁਲਨਾ ਕਦੇ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ

ਦੋਵੇਂ ਸਾਨੂੰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਹਰ ਮੋੜ ਤੇ
ਹਿੰਮਤ ਨਾਲ਼ ਚਲਣਾ ਸਿਖਾਉਂਦੇ ਨੇ

ਮਾਪੇ ਸਾਨੂੰ ਧਰਤੀ 'ਤੇ ਲਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਗੁਰੂ ਇੱਥੇ ਰਹਿਣਾ ਸਿਖਾਉਂਦੇ ਨੇ

ਮਾਪਿਆਂ ਦੇ ਚਰਨਾਂ 'ਚ ਆਸ਼ੀਸ਼ 'ਤੇ ਪਿਆਰ ਮਿਲਦਾ ਏ
ਗੁਰੂ ਦੇ ਚਰਨਾਂ 'ਚ ਗਿਆਨ ਦਾ ਭੰਡਾਰ ਮਿਲਦਾ ਏ

ਅਸੀਂ ਜਦੋਂ ਵੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ 'ਚ ਅੱਗੇ ਵੱਧਦੇ ਹਾਂ
ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਡਾ ਗੁਰੂ ਖ਼ੁਸ਼ ਹੁੰਦਾ ਏ

ਇਸੇ ਲਈ ਇੱਥੇ ਗੁਰੂਆਂ ਨੂੰ
ਰੱਬ ਜਿੰਨਾ ਸਤਿਕਾਰ ਮਿਲਦਾ ਏ

ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਅਧਿਆਪਕ ਦਿਵਸ ਦੀ ਦਿਲੋਂ ਵਧਾਈ 🙏🙏🙏🙏

- ਮੰਜੂ

Saturday, July 24, 2021

गुरु पूर्णिमा


सूर्य से उठना सीखा
चाँद से शीतल होना
बादल से चलना सीखा
आसमान से ठहरना

पक्षियों से उड़ना सीखा
पेड़ों से आसरा देना
चिड़ियों से सीखी चंचलता
बगुलों से ध्यान लगाना

हर चीज़ में ज्ञान ही ज्ञान छुपा
शर्त है ध्यान लगाना
वही जीवन में सफल हुआ
जिसने इसे पहचाना

मानो तो प्रकृति भी गुरु है
ना मानो तो सिर्फ़ ठिकाना
इसी उलझन में चलता है
जीवन का ताना-बाना

स्वयं के लिए तो मुश्किल है
इस उलझन को सुलझाना
इसलिए तो उचित समझा
गुरु शरण में जाना

गुरुर ब्रह्मा गुरु विष्णु
गुरुर देवो महेश्वरः
गुरुर साक्षात परब्रह्म
तस्मै श्री गुरुवै नमः

आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई🙏🙏🙏🙏

- मंजू

Thursday, May 6, 2021

#COVID19#corona_virus#OxygenShortage

चन्द साँसे उधार देने वाले टिन के डिब्बे
बिकते हैं यहाँ लाखों में
उम्र भर साँसे देने वाले पेड़ पौधे
सड़ जाते हैं अंधेरे गलियारों में

वो मशीनी साँसे देने वाले
शोभा बन गए दुकानों की
वो उम्र भर सर्वस्व देने वाले
सूख गए बिन पानी के

कहीं उगे दिख जाएं बीच सड़क में
काटे जाते हैं बेरहमी से
जिसने बीच जंगल मे सड़कें बनाईं
क्यों कोई कुछ नहीं पूछता उन लोगों से

लाखों में टिन के डिब्बे ख़रीद लेंगे मगर
चन्द पेड़ लगाने में कतराते हैं
गंगाजल के इच्छुक भी आज
शराब से हाथ धुलवाते हैं

- मंजू