दिल ने कहा
लिखूँ आज कुछ ऐसा
जो कभी पढ़ा ना जाए
पर क्या ऐसा संभव है?
जो लिखा तो जाए पर
कोई उसे पढ़ न पाए
शख़्स हैं ऐसे भी यहां
जो करते हैं यह चमत्कार.....
लिखते हैं खुलकर
वो अपने दिल की बात
पर कोई पढ़ न पाता है
उसके दिल की बात.....
दिल की बात कहने का
तरीका भी हौ उसका आम
पढ़ने में भी है सरल पर
गज़ब है उसकी कलम.....
पढ़ तो सकते हैं सभी पर
नहीं जान पाते लिखने वाले का नाम.....
दिल को छू जाए ऐसी बातें
लिखने वाला बना रहता है अज्ञात.....!
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