Wednesday, May 7, 2025

उधार


बारिश से कह दो

कुछ बूंदें उधार दे दे


मुरझाए हुए पौधों को

जीवन का उपहार दे दे


ऊष्मा से तड़पते पक्षियों को

खुशियों की बौछार दे दे


रोते हुए चेहरों पर भी 

मुस्कान की बहार दे दे


इस आशाहीन जीवन को

आशाओं का अंबार दे दे


ऐ बारिश....

मुझे कुछ बूंदें उधार दे दे!



–मंजू

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