Wednesday, January 10, 2024

अनामिका

तेरे आने से ज़िन्दगी में
नई बहार आई है

मायूस हुए चेहरों पर 
फिर से मुस्कान आई है

चारों तरफ़ उजाला है
घर में खुशहाली छाई है

पिता की आंखें नम हैं
माँ मन्द-मन्द मुस्काई है

ख़ामोशी भरे आंगन में
किलकारियों की गूंज लाई है

गंभीरता भरी तस्वीर में
शरारतों के रंग लाई है

तेरे आगमन की माँ-पापा को
देते सभी बधाई हैं

बेटी के रूप में
नन्हीं-सी परी आई है

तेरे आने से घर में
एक नई उलझन भी आई है

क्या कहकर पुकारें तुझे
इसकी अलग लड़ाई है

प्यारी-सी 'प्रिया' कहूँ
या कहूँ तुझे 'आराध्या'

अजेय 'अपराजिता' कहूँ
या कहूँ तुझे 'आकांक्षा'

जब तक नाम नहीं मिलता
कहूँगी तुझे 'अनामिका'

'खुशी' कहूँ 'ख़ुशबू' कहूँ
या कहूँ तुझे 'मुस्कान'

हमने तो दुआएं भेज दी 
तुम रहो बेशक़ गुमनाम

-मंजू

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