एक टुकड़ा कपड़े का
रंग वही पुराने तीन
कुछ ने छोड़े ख्वाब
कुछ हुए इसकी रक्षा में लीन
कुछ ने घर छोड़ा
कुछ ने छोड़ दिया अपना गांव
कुछ ने शहर छोड़ा
कुछ ने लगाया ज़िन्दगी पर दांव
कुछ ने छोड़ा परिवार
कुछ ने छोड़ा हर किसी से लगाव
कुछ ने खुशियां दांव पर लगाई
कुछ ने सारी दौलत लुटाई
भावनाओं का बवंडर भी
कितना अनोखा है
जो जितना महसूस करे
उसे उतना ही सताता है
इतना सब कुछ छोड़कर भी
ज़रा भी नहीं घटती इनके चेहरों से मुस्कान
न घटने देते हैं इसकी शान
सदा बढ़ाते है इसका मान
आख़िर है तो एक कपड़े का टुकड़ा ही
रंग वही पुराने तीन
-मंजू
Very nice ......Jai Hind
ReplyDeleteJai Hind 🙏🙏
DeleteJhanda ucha rhe hmara 🇮🇳
ReplyDelete🙏🙏🙏🙏
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