हम अक्सर बात किया करते हैं
औरत को ऊपर उठाने की
हम पुरुष को पीछे भूल गए
औरत को ऊपर उठाने में
लोग खुशियां मनाते नहीं थकते
उस पुरुष की उम्र बीत जाती है
औरत की खिदमत करते करते
कभी मां की मर्यादा का मान रखना
कभी बहना की राखी की लाज रखना
कभी पत्नी की इच्छा पूरी करना
कभी बिटिया की खुशियों का ख्याल रखना
औरत की खिदमत करते करते
वह भूल ही गया अपना ख्याल रखना
कोई आंसू न देख ले उसके
वह किसी की आंखों में नहीं देखता
परेशानियां तो लाखों होती हैं मगर
वह कभी किसी से कुछ नहीं कहता
दर्द कितना भी हो उसके दिल में
उसके चेहरे पर नहीं झलकता
वह बस एक ही इच्छा रखता है
अपने अपनों की हर इच्छा पूरी करना
सबकी इच्छा पूरी करते करते
अपने लिए कोई इच्छा ही नहीं रखता....।
-मंजू
Beautiful 🙏
ReplyDeleteThank you 🙏
DeleteAwesome 👍👍👍... 💯 % true.
ReplyDeleteThank you 🙏
DeleteVery True.... 💯. Appreciated.
ReplyDeleteThank you 🙏
DeleteBeautiful line
ReplyDeleteThank you di 🙏
DeleteVery true, its designed by our social environment.
ReplyDeleteCorrect 🙏
DeleteRight👍
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