सूर्य से उठना सीखा
चाँद से शीतल होना
बादल से चलना सीखा
आसमान से ठहरना
पक्षियों से उड़ना सीखा
पेड़ों से आसरा देना
चिड़ियों से सीखी चंचलता
बगुलों से ध्यान लगाना
हर चीज़ में ज्ञान ही ज्ञान छुपा
शर्त है ध्यान लगाना
वही जीवन में सफल हुआ
जिसने इसे पहचाना
मानो तो प्रकृति भी गुरु है
ना मानो तो सिर्फ़ ठिकाना
इसी उलझन में चलता है
जीवन का ताना-बाना
स्वयं के लिए तो मुश्किल है
इस उलझन को सुलझाना
इसलिए तो उचित समझा
गुरु शरण में जाना
गुरुर ब्रह्मा गुरु विष्णु
गुरुर देवो महेश्वरः
गुरुर साक्षात परब्रह्म
तस्मै श्री गुरुवै नमः
आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई🙏🙏🙏🙏
- मंजू
wow... manju
ReplyDeletefrom Asha
Thank you asha 😊
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