Monday, April 22, 2019

कोशिश

अमावस की अँधेरी रात हो,
या पूनम के चाँद की सौगात;

सिंधु जीवन दायिनी हो,
या गंगा का आशीर्वाद;

कीचड़ में खिला कमल हो,
या महकता हो गुलाब;

इन सबसे सीखी है मैंने,
यारों  एक ही बात;

उम्मीद का दामन थामे रहना,
कैसे भी हों हालात;

सफ़र-ए-ज़िन्दगी में,
कोई तुमको डिगाए लाख;

कोशिशों के भंवर में गोते,
लगाते  रहना लगाते रहना।

No comments:

Post a Comment